धार्दो रिम्पोचे

Suvajra introduces a highlight from the video archive. The Venerable Dhardo Rinpoche was interviewed in Kalimpong, India in 1988. In this extract he speaks about his friendship with Urgyen Sangharakshita.

सुवज्र संघरक्षितजी को उनके मित्र और शिक्षक धार्दो रिम्पोचे द्वारा दी गई दो वस्तुओं का परिचय देते है, उसके बाद हमारे वीडियो संग्रह से कुछ अंश प्रस्तुत करते है, जिसमें धार्दो रिम्पोचे संघरक्षितजी के साथ अपनी मित्रता के बारे में बताते हैं.

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संघरक्षितजी का संपूर्ण साहित्य भारत लौटा

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अवलोकितेश्वर रुप